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गणेश उत्सव के दौरान सतपुड़ा के सात हाथियों की पार्टी,पुनर्योवनीकरण शिविर में हांथी हुए रिफ्रेश अब करेंगे जंगल की सुरक्षा

नर्मदापुरम। भगवान गणेश का स्वरूप माने जाने वाले सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के सात हाथियों की आठ दिन तक पूजन पाठ कर जमकर खातिरदारी हुई।इस 8 दिन तक और हाथियों ने मढ़ई कैंप में जमकर अपनी पिकनिक मनाई इस दौरान हाथियों से कोई काम नहीं लिया गया इतना ही नहीं विभिन्न प्रकार के व्यंजनों को परोस कर भगवान गणेश के स्वरूप इन हाथियों की सेवा की गई 8 दिन तक चलने वाले पुनर योगिनिकरण शिविर में STR के सात हाथी शामिल रहे समापन के बाद अब यह हांथी जंगलों की सुरक्षा के लिए अपने-अपने क्षेत्र में रवाना होंगे और जंगल की सुरक्षा में अपनी अहम भूमिका निभाएंगे।

हर वर्ष हाथियों का पुनर्यौवनिकरण शिविर का आयोजन किया जाता है।बारिश के मौसम की समाप्ति से पहले 8 दिन चलने वाले इन हाथियों की खातिरदारी की जाती इन हाथियों से कोई काम नहीं लिया जाता है। इन हाथियों को और 8 दिनों में तेल मालिश स्वास्थ्य परीक्षण जमकर खास व्यंजन खिलाए जाते है, गन्ने, भुट्टे फल सहित स्वादिष्ट व्यंजन होते है इस वर्ष भी हांथी महोत्सव का आयोजन किया गया जिसका रविवार को समापन हो गया। खास बात यह रही की 10 दिवसीय चलने वाले गणेश महोत्सव के दौरान ही इस शिविर का आयोजन हुआ जिसके चलते हाथियों के पूजन अर्चना भी किए गए क्योंकि भगवान का स्वरूप हाथियों को माना जाता है इसी के कारण यह आठ दिवसीय महोत्सव खास रहा रविवार को कार्यक्रम के समापन में एल कृष्णामूर्ति अपार प्रधान मुख्य वन संरक्षक, फील्ड डायरेक्टर राखी नंदा, डिप्टी डायरेक्टर ऋषिभा नेताम सहित अन्य कर्मचारी एवं महावत शामिल हुए।

दरअसल, 15 जून से 1 अक्टूबर तक जंगल सफारी पर पाबंदी रहती है। इस दौरान भी सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के हाथी लगातार गश्ती कर जंगल की सुरक्षा करते हैं और एसटीआर के लिए दिन रात मेहनत करते हैं। वहीं हर साल की तरह मनाया जाने वाले हाथी पुनर्यौवनीकरण शिविर 24 अगस्त से शुरू हुआ जिसका समापन 31 अगस्त तक चला इस कैंप में हाथियों से कोई काम नहीं कराया जाता है। बल्कि हाथियों की महावत सेवा करते हैं। इन हाथियों की मालिश, उनका उपचार और स्वास्थ्य का परीक्षण कराया जाता है। साथ ही उनका पसंदीदा भोजन उन्हे खिलाया जाता है।

सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के मढ़ई के हाथी कैंप में इसका आयोजन किया गया। एक सप्ताह के लंबे अवकाश के दौरान हाथी इस शिविर के दौरान आनंद लेते है यह हाथियों के लिए पूर्ण आराम का सप्ताह होता है, जबकि उनके महावत और चारा काटने वाले भी खेलकूद और कुछ आराम के समय में व्यस्त रहते है। यह वार्षिक आयोजन उत्सवपूर्ण है, जिसका उद्देश्य इन हाथियों और उनके महावतों द्वारा संरक्षण के लिए प्रदान की जाने वाली सेवा की सराहना करना होता है।इस बार इस पुनर्योवनीकरण शिविर गणेश उत्सव के दौरान में मनाया गया जिसमें इन आठ दिनों में महावतों ने अपने हाथियों को हल्दी और चावल के लेप से सजाया और उनकी आरती उतारकर एवं उन्हें भोजन कराया।

फील्ड डायरेक्टर राखी नंदा ने बताया कि हर वर्ष हाथियों के पुनर्योवनीकरण शिविर का आयोजन किया जाता है इस दौरान हाथियों से कोई काम नहीं लिया जाता है, उनके मन पसंद के व्यंजन उन्हें परोसे जाते है,हेल्थ चेकअप होता है। इस बार गणेश महोत्सव के दौरान यह इस शिविर का आयोजन हुआ इसी के चलते हाथियों की पूजन पाठ भी किया गया।

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