नर्मदापुरम। भारत और पाकिस्तान के बीच चले ऑपरेशन सिंदूर का असर राखी के बाजार में भी देखने को मिल रहा है इस बार बाजार में सिंदूर कलर की राखियां बहनों को काफी पसंद आ रही है। हर बार की अपेक्षा इस बार सिंदूर कलर की राखीयों की डिमांड महिलाओं में बढ़ी है व्यापारियों का मानना है कि जिस प्रकार से भारतीय सेना ने पराक्रम दिखाते हुए पाकिस्तान को मुंह तोड़ जवाब दिया है। उसी के चलते इस बार सिंदूर कलर की डिमांड ज्यादा बढ़ गई है और बाजार में महिलाओं की पसंद भी सिंदूर कलर बन गया है। वही बाजार पहुंची महिलाओं। का कहना है कि जिस प्रकार से ऑपरेशन सिंदूर भारतीय सेना के पराक्रम को दर्शाता है इस प्रकार से भाइयों की कलाई पर सिंदूरी रंग की राखी बांधी जाएगी।
व्यापारी प्रशांत जैन(गोलू) बताते हैं कि मार्केट में करीब 5 दिनों से राखी की दुकान लगाए हुए हैं। जिस तरीके से बाजार में भीड़ बढ़ी है जो बहनों को राखियां पसंद आ रही हैं वह अधिकतर सिंदूरी कलर में पसंद आ रही हैं। क्योंकि जो इंडिया-पाकिस्तान का जो युद्ध हुआ था उस ऑपरेशन को सिंदूर नाम दिया गया था।इसीके चलते बहनों को सिंदूर कलर की राखियां पसंद आ रही है। मार्केट में अधिकतर सिंदूर कलर के धागे और रखी राखियां आई हुई है। पूरे बाजार में इन राखियों को देखा जा सकता है बहने भी अलग-अलग दुकानों पर जाकर सिंदूरी रंग की राखियों को देख रही हैं उन्हें पसंद कर रही हैं और ले भी रही हैं। प्रशांत बताते हैं कि जिस प्रकार से भारत-पाकिस्तान के युद्ध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ऑपरेशन सिंदूर चलाया गया था। जिस प्रकार से ऑपरेशन सिंदूर में भारत की विजय हुई है और भारत ने पाकिस्तान को हराया है इस तरह से बहनों को भी अपने मन में विचार आया कि जब ऑपरेशन सिंदूर चलाया जा सकता है तो राखियां सिंदूरी कलर की रखी भी हर भाई के हाथ में बांधे। जिस तरीके से ऑपरेशन सिंदूर में विजय प्राप्त हुई है पाकिस्तान को हर दिलाई है उसी तरह से बहनों ने भी अपने मन में ठाना के रखा है कि सिंदूर कलर के धागे से भाइयों की कलाई पर राखी बांधना है।
व्यापारी हलीम खान बताते हैं कि वह राखियों की दुकान सन 2009 से लग रहे है। इस बार जो डिमांड बढ़ी है वह भारत और पाकिस्तान का जो युद्ध के बाद ऑपरेशन सिंदूर चला है उसको लेकर उसके ही फैंसी फैंसी राखियां भी सिंदूर कलर की आई हुई है। यही कारण भी है कि नर्मदापुरम की महिलाएं बड़े शौक से इन्हें लेकर जा रही हैं इन सिंदूरी राखी की डिमांड बहुत बड़ी हुई है।
बाजार करने आई महिला मिथिलेश प्रजापति बताती है कि वह सरदार नगर से आई हुई है राखियां लेने के लिए। वह बताती है कि सिंदूरी कलर की रखी लेने आई है और सिंदूरी कलर पसंद भी आ रहा है। उन्हें इस बार यह कलर ज्यादा पसंद आ रही है उन्होंने बताया कि जब भारत और पाकिस्तान का युद्ध हुआ तो तो उस ऑपरेशन का नाम सिंदूर रखा गया इसलिए यह और ज्यादा हमको पसंद आ रही है।